औरतें क्या चाहती हैं – What Women want from men

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औरतें क्या चाहती हैं – What Women want from men – women desire

औरत क्या चाहती है| यह सवाल आपको थोडा अटपटा जरुर लग रहा होगा लेकिन क्या सच में आप जानते है की उनकी बुनियादी इच्छा क्या है|आम आदमियों से लेकर ऑस्ट्रिया के महानतम न्यूरोलॉजिस्ट सिगमंड फ्रायड और हॉलीवुड के फेमस अभिनेता मेल गिब्सन सब इस सवाल से परेशान रहे है|

इस बारे में की महिलाये क्या चाहती है अलग-अलग लोग अलग-अलग प्रकार से अपनी बात कहते है, हजारो किताबे इस विषय में मार्केट में आ चुकी है, कई प्रकार के लेख, ब्लॉग पोस्ट लिखे जा चुके है लेकिन कोई भी पूरी तरह से समझाने में सफल नहीं हुआ|

क्या है महिलाओ की सेक्स संबंधी ख़्वाहिशे –

अगर पुराने समय के तर्क के आधार पर कहा जाये तो महिलाओं की कामेच्छा की चाहत कभी पूरी नहीं की जा सकती। उनमे काम वासना अधिक मात्रा में होती है। और कुछ तर्क इस ओर इशारा करते है की पुरुषो को औरतों के मुक़ाबले सेक्स की ज़्यादा चाहत होती है।

क्या कहती है रिसर्च –

सेक्स की आवयश्कता को लेकर हुई रिसर्च के अनुसार वैज्ञानिको का मानना है के पुरुषो और महिलाओ में सेक्स की ख़्वाहिशें लगभग एक सामान होती है| वैज्ञानिक का यह भी मानना है की महिलाओ की सेक्स से सम्बंधित चाहत को किसी एक परिभाषा के दायरे में नहीं समेटा जा सकता। ये अलग-अलग औरतों में अलग-अलग होती है। और एक ही महिला सेक्स की ख़्वाहिश के अलग दौर पाये जाते है|

पहले जब सेक्स से सम्बंधित सवाल किये जाते थे तो मिले जवाब से ऐसा लगता था जैसे की सिर्फ मर्दों को सेक्स की ज़्यादा बार ज़रूरत महसूस हुई| ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेस लोरी ब्रॉटो कहती हैं कि जब यही सवाल महिलाओ से दुसरे अंदाज में पुछा गया तो पता चला की महिलाओ को भी सेक्स की ज़रूरत पुरुषो के सामान ही महसूस होती है| बस उनकी ख़्वाहिशें थोड़ी अलग होती है|

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मा*सिक धर्म का महत्व –

वर्जिनिया यूनिवर्सिटी की मनोवैज्ञानिक एनिटा क्लेटन कहती हैं कि से*क्स हमारी आवश्यकता है क्योकि यह बच्चे पैदा करने का एक मात्र तरीका है| आज के लोगो की विचारधारा ने इन दोनों चीजों को अलग-अलग कर दिया है| लेकिन अगर सही मायने में देखा जाये तो यह दोनो एक ही चीज़ है| महिलाओ के अंदर मासिक धर्म से पहले अंडाणु बनने लगते है जिससे उन्हें से*क्स की ज़्यादा ज़रूरत महसूस होती है।

उत्तेजना ही सबकुछ नहीं –

से*क्स के समय का अहसास महिलाओ और पुरुषो में अलग-अलग तरह के होते है| महिलाये पुरुषो की तरह उत्तेजना, चरमोत्कर्ष और तसल्ली के एहसास को रूबरू नहीं कराती| महिलाओ को उत्तेजित करने के लिए हर बार यौ*न अंगों से छेड़खानी जरुरी नहीं|

ऐसा भी जरुरी नहीं है की महिलाओ की ख़्वाहिश सिर्फ सेक्स करके पूरी हो कई बार उनके साथी का स्पर्श ही उनके लिए काफी होता है| और वे यौ*न सुख महसूस कर लेती हैं औरतों में से*क्स की ख़्वाहिश जगाने के तरीके भी अलग-अलग होते है और यह हर महिलाओ के लिए एक से नहीं होते| कुछ महिलाये यौ*न अंगों से छेड़छाड़ के बाद सेक्स की ज़रूरत महसूस करती है और कुछ साथी के शारीरिक स्पर्श से| कुछ महिलाये अपने साथी पर हावी होकर तसल्ली महसूस करती है|

मनोवैज्ञानिक स्तर पर अगर बात के जाये तो यह बात कोई नहीं जानता की औरतों के अंदर से**क्स की चाहत कैसे जगती है? ये दिमाग़ से शुरू होती है या शरीर के किसी खास हिस्से से

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